ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है?इसका प्रयोग क्यो और कहां होता है?

अगर आसान भाषा मे कहें तो आॅपरेटिंग सिस्टम एक मनुष्य कि मस्तिष्क कि तरह कार्य करता है। जिस तरह हमारी शरीर की गतिविधि को नियंत्रण करता है, अथवा जो हम सोचते है उसमे हमे सही निर्णय लेने मे मद्द करता है; उसी तरह आॅपरेटिंग सिस्टम भी कंप्युटर का पुर्ण नियंत्रण करता है और उसकी हर गतिविधि पर नजर रखता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) सिस्टम का प्रधान सॉफ्टवेयर की तरह होता है जो कंप्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर संसाधनों का रख रखाव और जरूरत के अनुसार उनहे निर्देश प्रदान करता है, और कंप्यूटर के लिए सामान्य सेवाएं प्रदान करता है।
आॅपरेटिंग सिस्टम को कोई भी कार्य करने के लिए उसे अपलिकेशन सफ्टवेअर के साथ मीलकर कार्य करना होता है। अपलिकेशन सफ्टवेअर एक विशेष कार्य के लिए होता है। जैसे ms आॅफिस, इनटरनेट ब्रउसर आदि हमे जिस तरह का कार्य करना होता है उसके अनुसार इसका प्रयोग करते है । अपलिकेशन सॅफ्टवेअर को बनाने के एक मशीनी भाषा मे बदलने वाली कोडिंग भाषा का प्रयोग किया जाता है जैसे java आदि।

Application software

इसका प्रयोग क्यो और कहां होता है?

ऑपरेटिंग सिस्टम इनपुट और आउटपुट और मेमोरी विभाजन जैसे हार्डवेयर कार्यों के लिए, ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोग्राम और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है, ऑपरेटिंग सिस्टम कई उपकरणों पर पाए जाते हैं जिनमें एक कंप्यूटर होता है – सेलुलर फोन अथवा मोबाइल फोन और वीडियो गेम कंसोल से वेब सर्वर और सुपर कंप्यूटर आदि।

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार:

सिंगल-टास्किंग और मल्टी-टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम

सिंगल-टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम एक समय में केवल एक प्रोग्राम चला सकता है, जबकि एक मल्टी-टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम एक से अधिक प्रोग्राम को  कंप्युटर में चलाने की अनुमति देता है। मल्टी-टास्किंग की विशेषता प्रीमेप्टिव और को-ऑपरेटिव प्रकारों में हो सकती है।  प्रीमेप्टिव मल्टीटास्किंग में, ऑपरेटिंग सिस्टम सीपीयू समय को घटाता है क्योकि हम एक बार मे एक से ज्यादा कार्य करते है और प्रत्येक प्रोग्राम के लिए एक स्लॉट समर्पित करता है।  यूनिक्स-जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम, जैसे सोलारिस और लिनक्स-साथ ही गैर-यूनिक्स-जैसे, जैसे अमीगास-प्रीमेप्टिव मल्टीटास्किंग का समर्थन करते हैं।

एकल-उपयोगकर्ता और बहु-उपयोगकर्ता

एकल-उपयोगकर्ता ऑपरेटिंग सिस्टम में उपयोगकर्ताओं को अलग करने के लिए कोई सुविधा नहीं देता उदाहरण के तौर पर एक कंमप्युटर मे अलग अलग युजर कार्य कर सकते हैं,। एक बहु-उपयोगकर्ता ऑपरेटिंग सिस्टम को एक बार कई कंप्युटर मे उसका प्रयोग कर सकते है।

वितरित ऑपरेटिंग सिस्टम

एक वितरित ऑपरेटिंग सिस्टम अलग-अलग कंप्यूटरों के समूह का प्रबंधन करता है और उन्हें एक साथ जोड़ कर एक कंप्यूटर बनाता है।  नेटवर्क माध्यम बना कर एक दुसरे के साथ डेटा का आदान प्रदान के माध्यम बनाया जाता है। ज्यादातर यह बड़े बड़े सोफ्टवेअर कंपनीयो मे इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया जाता है।

टेम्प्लेट की गई ऑपरेटिंग सिस्टम

ऑपरेटिंग सिस्टम और उसके वितरित और क्लाउड कंप्यूटिंग संदर्भ में, अस्थायी रूप से एक अतिथि ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में एक वर्चुअल मशीन छवि बनाने के लिए संदर्भित करता है, उदाहरण के तौर पर हम एक मशीन कि तरह इसे देख सकते है। यह एक लेजर सो या Projector कि तरह होता है।



रियल टाइम

एक रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जो समय में एक मुख्य क्षण द्वारा घटनाओं या डेटा को संसाधित करने की गारंटी देता है।  एक रियल-टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम सिंगल- या मल्टी-टास्किंग हो सकता है, लेकिन मल्टीटास्किंग करते समय, यह विशेष शेड्यूलिंग एल्गोरिदम का उपयोग करता है ताकि व्यवहार का एक अनुब्ध प्रकृति हो।

पुस्तकालय ऑपरेटिंग सिस्टम

एक पुस्तकालय ऑपरेटिंग सिस्टम वह है सिसमे हमे तरह तरह के मद्द मिलते उसे उपयोग करने के लिए । इस तरह कि ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोग करने मे जटील होता है।


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